नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क्या है? | What is NSE in Hindi?

शेयर मार्केट मे निवेश करने से पहले हमे शेयर मार्केट के basics को समजा बहोत जरूरी और इसी लिए आज इस लेख के द्वारा हम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को विस्तार से जानगें, दोस्तों नेशनल स्टॉक एक्सचेंज या जिसे हम NSE के नाम से जानते है, आज हम NSE के सभी मुख्य पॉइंट्स को विस्तार मे समज़ेनगे जेसे की नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क्या है? [What is NSE in Hindi?] और नेशनल स्टॉक एक्सचेंज NSE केसे काम करता है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को स्थापित करने का उदेश्य क्या है? और ऐसे सभी मुद्दे को हम विस्तार से जानंगे।

दोस्तों, भारतीय शेयर मार्केट मे NSE का एक अहम हिस्सा है, NSE आने के बाद ही हम जेसे छोटे निवेशकों का शेयर मार्केट मे निवेश करना संभव हुआ है। NSE के पहले बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज और बाकी के सभी स्टॉक एक्सचेंज बहोत पुरानी पद्धति से कार्य करते थे, जीस वजह से शेयर मार्केट मे धोका-धड़ी और scam बहोत होते थे। और इसी वजह से छोटे निवेशक शेयर बाजार मे निवेश करने से डरते थे।

लेकिन ईस: 1996 में नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ने Demat Account की शुरुआत किया, जिससे शेयर मार्केट मे पारदर्शिता आई, और निवेशकों की सुरक्षा बढ़ी। क्यूकी Demat account और Trading account पूरी तरह से पेपरलेस है। और इसी वजह से शेयर बाजार मे छोटे बड़े निवेशकों की सख्या बढ़ने लगी।

Page Contents

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क्या है? | What is NSE?

NSE का पूरा नाम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड है। NSE full form is the National Stock Exchange of India Limited.

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) इसकी स्थापना 1992 में मुंबई में हुई थी। NSE भारत में एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज है जो मुंबई में स्थित है। NSE में ट्रेडिंग की शुरुआत 1994 में होलसेल डेट मार्केट और कैश मार्केट सेगमेंट के लॉन्च के साथ हुई थी। यह भारत में पहला अभौतिकीकृत इलेक्ट्रॉनिक एक्सचेंज था। NSE ने पूरी तरह से स्वचालित स्क्रीन-आधारित इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम प्रदान किया। इस प्रणाली के माध्यम से, निवेशक आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं का उपयोग करने में सक्षम थे। यह सबसे बड़ा भारतीय वित्तीय बाजार है और ट्रेडिंग वॉल्यूम के हिसाब से चौथा सबसे बड़ा वैश्विक बाजार है। यह देश का सबसे बड़ा निजी वाइड-एरिया नेटवर्क है।

आपको बता दे की, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज वॉल्यूम के हिसाब से विश्व का तीसरा सबसे बड़ा stock exchange है, और NSE मे तकरीबन 2000+ कंपनीयां लिस्टेड है। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की भारत के 320 शहरों तक पहुंच है। NSE एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जो छोटे से लेकर बड़े इन्वेस्टर तक को आसानी से शेयर बाजार में पैसा इन्वेस्ट करने और ट्रेडिंग करने की सुविधा देता है। NSE से पहले यदि आप शेयर खरीदना चाहते तो वह एक लंबा प्रोसेस हुआ करता था जिसमें आपको कंपनियों के ब्रोकर की आवश्यकता होती थी। लेकिन NSE के आने के बाद आज आप अपने मोबाइल फोन के माध्यम से शेयर बाजार में कारोबार कर सकते हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज भारत में पहली बार आधुनिक और पूरी तरह से स्वचालित स्क्रीन-बेस्ड इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम stock exchange लाया था। NSE देश का पहला एक्सचेंज था, जिसने अत्याधुनिक, पूरी तरह से स्वचालित स्क्रीन-आधारित इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम की पेशकश की, जो देश भर में फैले निवेशकों को आसान ट्रेडिंग सुविधाएं प्रदान करता है। हाल मे विक्रम लिमये नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) हैं।

बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का विवरण | Details of National Stock Exchange.

नाम (Name):NSE का पूरा नाम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE full form is National  Stock Exchange)
स्थान (पता):एक्सचेंज प्लाजा, प्लॉट नं: सी/1, जी ब्लॉक, बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स, बांद्रा (ई), मुंबई – 400 051।
स्थापित:1992; आज से 30 साल पहले.
बाजार पूंजीकरण:$3.4 trillion in USD
मुद्रा:भारतीय रुपया (₹)
सूचीबद्ध कंपनी की संख्या:लगभग. 2000 Companies.
NSE के प्रमुख लोग:गिरीश चंद्र चतुर्वेदी अध्यक्ष (Chairman)
विक्रम लिमये प्रबंध संचालक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO)
NSE के पॉपुलर बेंचमार्क की सूची:
(List of Popular Benchmarks of NSE)






NIFTY 50
BANK NIFTY
NIFTY NEXT 50
NIFTY 100
NIFTY MIDCAP 50
NIFTY MIDCAP 100
NIFTY SMLCAP 100
INDIA VIX

(ये NSE के प्रमुख सूचकांक (indices) हैं, अन्य सभी सूचकांकों को नीचे विस्तार से समझाया गया है।)
NSE Official Website:www.nseindia.com
Basic Information of National Stock Exchange Source: Wikipedia and NSE Official Site

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की शुरुआत केसे हुई?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की शुरुआत 1992 में भारतीय इक्विटी बाजारों (Equity markets) में पारदर्शिता लाने के लिए की गई थी। दलालों के एक समूह के लिए ट्रेडिंग सदस्यता को प्रतिबंधित करने के बजाय, NSE ने सुनिश्चित किया कि कोई भी योग्य, अनुभवी और न्यूनतम वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए व्यापार करने की अनुमति दी गई थी।

इस संबंध में, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज अपने समय से आगे था जब उसने SEBI की देखरेख में एक्सचेंज के स्वामित्व और प्रबंधन का सीमांकन किया। स्टॉक मूल्य की जानकारी, जो पहले केवल कुछ मुट्ठी भर लोगों के लिए ही सुलभ थी, अब ग्राहक के लिए दूरस्थ स्थान पर आसानी से उपलब्ध है। कागज-आधारित निपटान को इलेक्ट्रॉनिक डिपॉजिटरी-आधारित खातों से बदल दिया गया था और सौदे हमेशा समय पर तय किए गए थे।

सबसे महत्वपूर्ण परिवर्तनों में से एक एक मजबूत जोखिम प्रबंधन प्रणाली की शुरूआत थी, जिसे यह सुनिश्चित करने के लिए स्थापित किया गया था कि एक समझौता गारंटी निवेशकों को दलालों की चूक से बचाएगी। भारतीय पूंजी बाजार में पारदर्शिता लाने के लिए भारत सरकार के आदेश पर प्रमुख भारतीय वित्तीय संस्थानों के एक समूह द्वारा NSE की स्थापना की गई थी। रोविंग कमेटी की सिफारिशों के आधार पर, NSE की स्थापना स्थानीय और वैश्विक निवेशकों की विविध शेयरधारिता के साथ की गई थी। NSE को 1992 में कर-भुगतान करने वाली कंपनी के रूप में शामिल किया गया था और 1993 में प्रतिभूति अनुबंध (विनियमन) अधिनियम, 1956 के तहत स्टॉक एक्सचेंज के रूप में मान्यता दी गई थी,

आपकी जानकारी के लिए बतादे की, NSE गवर्नमेंट कंपनी नहीं है दरअसल 1992 में जब नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को बनाया गया तो उस कंपनी की शुरुआत एक प्राइवेट कंपनी की तरह की गई थी। क्योंकी Scam और धोखाधड़ी ना हो, और इसको रोकने के लिए सरकार द्वारा SEBI (सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया) की स्थापना की गई। SEBI के नियमों को BSE ने स्वीकार नहीं किया और इस तरह उसके बाद नए स्टॉक एक्सचेंज NSE को बनाया गया जो पूरी तरह से डिजिटल प्लेटफॉर्म था जिसमें सभी काम डिजिटल स्क्रीन और कंप्यूटर से होता था जिस वजह से ट्रेडिंग आसान हुई और बढ़ने लगी। लेकिन 3 साल बाद 1995 में BSE भी SEBI के नियमों के अंतर्गत आ गई।

यह भी पढ़ें,

NSE की स्थापना किन उद्देश्यों के लिए की गई?

NSE की स्थापना के पीछे मुख्य उद्देश्य सभी प्रकार की प्रतिभूतियों के लिए देश भर में व्यापारिक सुविधाओं के कामकाज में सुधार करना था। यह उचित दूरसंचार नेटवर्क प्रसंस्करण के माध्यम से देश में सभी निवेशकों तक समान पहुंच सुनिश्चित करता है। NSE प्रमुख उदेश्य भारत मे Trading को बढ़ाना था। Trading के माध्यम से देश में रोजगार के अवसरो को बढाना। क्योकि जितनी तेजी से Companies की Trading मे बढ़ोतरी होगी उतने ही अधिक रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे और लोगो के आय के स्त्रोत भी खुलेंगे। दोस्तों, NSE बहुत ही कम समय में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम था। चलिए अब हम NSE के उद्देश्यो के बारे मे विस्तार से जानते है।

  1. सभी प्रकार की प्रतिभूतियों के लिए राष्ट्रव्यापी व्यापार सुविधा की स्थापना करना।
  2. एक उपयुक्त संचार नेटवर्क के माध्यम से पूरे देश में निवेशकों तक समान पहुंच सुनिश्चित करना।
  3. इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम का उपयोग करके एक निष्पक्ष, कुशल और पारदर्शी प्रतिभूति बाजार(Securities market) प्रदान करना।
  4. छोटे सेटलमेंट साइकल और बुक एंट्री सेटलमेंट को सक्षम करना।
  5. अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और मानकों को पूरा करना।
  6. इक्विटी, डेट इंस्ट्रूमेंट और हाइब्रिड के लिए राष्ट्रव्यापी व्यापारिक सुविधाएं स्थापित करना,
  7. देश भर में निवेशकों के लिए ऋण, इक्विटी और अन्य परिसंपत्ति वर्गों के लिए व्यापारिक सुविधाएं स्थापित करना।
  8. एक संचार नेटवर्क के रूप में कार्य करना निवेशकों को व्यापार प्रणाली में भाग लेने का समान अवसर प्रदान करता है।
  9. वित्तीय विनिमय बाजारों के लिए निर्धारित वैश्विक मानकों को पूरा करना।
  10. एक छोटी व्यापार निपटान अवधि प्रदान करने और बही-प्रवेश निपटान प्रणाली को सक्षम करने के लिए।

Nifty क्या है। NSE मे कितने सूचकांक है।

आप जब शेयर मार्केट का नाम सुनते होंगे, तो एक शब्द बार बार सुना होगा वो NIFTY हे, आपने निफ्टी के बारे मे बहोत बार सुन होगा। आसान भाषा मे बताए तो Nifty नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का बँचमार्क है। NSE मे कई तरह के सूचकांक trade करते है, और उन सभी Indices के आगे Nifty लगाया जाता है। और इन सभी सूचकांक मे NIFTY 50 सबसे महत्व पूर्ण है। NSE मे लिस्ट हुई TOP50 कंपनी से Nifty 50 को बनाया गया है।

Nifty 50 के ऊपर या नीचे जाने से आप देश की आर्थिक स्थिति का अनुमान लगा सकते है। दोस्तों, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मे तकरीबन 55 सूचकांक (Indices) है, जोकी कई अलग अलग भागों मे बाटे गए है। और इन सभी सूचकांक की सूची नीचे विस्तार से बताई गई है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सभी सूचकांकों की सूची। List of all indices of National Stock Exchange.

व्यापक बाजार सूचकांक (Broad Market Indices):

  1. NIFTY 50
  2. NIFTY NEXT 5
  3. NIFTY 100
  4. NIFTY 200
  5. NIFTY 500
  6. NIFTY MIDCAP 50
  7. NIFTY MIDCAP 100
  8. NIFTY SMLCAP 100
  9. INDIA VIX
  10. NIFTY MIDCAP 150
  11. NIFTY SMLCAP 50
  12. NIFTY SMLCAP 250
  13. NIFTY MIDSML 400

क्षेत्रीय सूचकांक (Sectoral Indices):

  1. NIFTY BANK
  2. NIFTY AUTO
  3. NIFTY FIN SERVICE
  4. NIFTY FMCG
  5. NIFTY IT
  6. NIFTY MEDIA
  7. NIFTY METAL
  8. NIFTY PHARMA
  9. NIFTY PSU BANK
  10. NIFTY PVT BANK
  11. NIFTY REALTY

रणनीति सूचकांक (Strategy Indices):

  1. NIFTY DIV OPPS 50
  2. NIFTY GROWSECT 15
  3. NIFTY100 QUALITY 30
  4. NIFTY50 VALUE 20
  5. NIFTY50 TR 2X LEV
  6. NIFTY50 PR 2X LEV
  7. NIFTY50 TR 1X INV
  8. NIFTY50 PR 1X INV
  9. NIFTY50 DIV POINT
  10. NIFTY ALPHA 50
  11. NIFTY50 EQL WGT
  12. NIFTY100 EQL WGT
  13. NIFTY100 LOWVOL30
  14. NIFTY200 QUALTY30

विषयगत सूचकांक (Thematic Indices):

  1. NIFTY COMMODITIES
  2. NIFTY CONSUMPTION
  3. NIFTY CPSE
  4. NIFTY ENERGY
  5. NIFTY INFRA
  6. NIFTY100 LIQ 15
  7. NIFTY MID LIQ 1
  8. NIFTY MNC
  9. NIFTY PSE
  10. NIFTY SERV SECTOR

निश्चित आय सूचकांक (Fixed Income Indices):

  1. NIFTY GS 8 13YR
  2. NIFTY GS 10YR
  3. NIFTY GS 10YR CLN
  4. NIFTY GS 4 8YR
  5. NIFTY GS 11 15YR
  6. NIFTY GS 15YRPLUS
  7. NIFTY GS COMPOSITE     

“दोस्तों, आप नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) के सभी Indices की current trading price को आप यहा से चेक कर सकते है: CLICK HERE

“You can check the current trading price of all Indices of the National Stock Exchange (NSE) from here: CLICK HERE

NSE मे ट्रैडिंग समय क्या है?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) मे आप सुबह 9;15 से दोपहर के 3:30 के बीच इक्विटी  मे ट्रैडिंग कर सकते हे, नीचे दिए गए टाइम टेबल से आप विस्तार से समज पाएंगे। इक्विटी सेगमेंट पर ट्रेडिंग सप्ताह के सभी दिनों में होती है (शनिवार और रविवार को छोड़कर और एक्सचेंज द्वारा अग्रिम रूप से घोषित छुट्टियों को छोड़कर)। इक्विटी सेगमेंट के बाजार समय हैं:

(1) प्री-ओपन सत्र (Pre-open session):

  • Open: 09:00am hrs.
  • Close: 09:08am hrs.

* अंतिम मिनट में यादृच्छिक समापन के साथ। प्री-ओपन ऑर्डर मिलान प्री-ओपन ऑर्डर एंट्री बंद होने के तुरंत बाद शुरू होता है।

 (2) नियमित ट्रेडिंग सत्र (Regular trading session):

  • Market Open: 09.15am hrs.
  • Market Close: 15:30am hrs.

NSE मे निवेश करने के फायदे।

दोस्तो, चलिए अब  हम यह जानते की NSE मे लिस्टेड कंपनी मे क्यू निवेश करना चाहिए? आपको बता NSE मे Invest करने के बहोत लाभ और फायदे जी निम्नलिखित सूची मे आप विस्तार से पढ़ सकते है।

  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पूरी तरह से डिजिटल और पेपर ट्रेडिंग माध्यम प्रदान करता है।
  • SEBI के अधीन होने से आपको सुरक्षा भी मिलती है, साथ ही किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी से भी सुरक्षा मिलती है।
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का मुख्य बेंचमार्क NIFTY50 भी ट्रेडिंग की अनुमति देता है।
  • इनमें से अधिकांश निवेश केवल ट्रेडिंग खातों के माध्यम से किए जाते हैं।
  • नेशनल स्टॉक एक्सचेंज विश्व में 11वें स्थान पर है।
  • • NSE का कारोबार 3.2 ट्रिलियन अमेरिकी डॉलर का है।
  • यह उन कंपनियों के लिए प्रमुख बाजारों में से एक है जो प्रमुख एक्सचेंजों में सूचीबद्ध होना चाहती हैं।
  • उच्च मात्रा में व्यापार और स्वचालित प्रणालियों के अनुप्रयोग से व्यापार मिलान और निपटान की प्रक्रिया में पारदर्शिता आती है।
  • NSE में व्यापार प्रणाली व्यापार के बाद की जानकारी प्रदान करती है। यह पांच सर्वश्रेष्ठ लेकिन बेचने के आदेश भी प्रदर्शित करता है।
  • व्यापार प्रणाली खरीद योग्य और बिक्री योग्य प्रतिभूतियों की कुल संख्या प्रदर्शित करती है।
  • उच्च ऑर्डर प्रोसेसिंग गति के परिणामस्वरूप तरलता और सर्वोत्तम उपलब्ध मूल्य प्राप्त होते हैं।
  • इसमें छोटे निपटान चक्र हैं जो किसी भी देरी को कम करते हैं।
  • निवेशक NSE ट्रेडिंग सिस्टम के माध्यम से व्यापार और व्यापार के बाद की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। वे शीर्ष विक्रय आदेशों की संख्या और खरीद आदेश के साथ-साथ लेनदेन के लिए उपलब्ध प्रतिभूतियों की संख्या देख सकते हैं।
  • व्यापारिक गतिविधि की मात्रा के कारण व्यापारिक गतिविधि पर प्रभाव कम होने के कारण निवेशकों की व्यापारिक लागत कम हो जाती है।
  • NSE की ट्रेडिंग प्रणाली लेनदेन को उस गति से संसाधित करती है जिससे निवेशकों को सर्वोत्तम मूल्य प्राप्त करने की अनुमति मिलती है।
  • NSE सूचीबद्ध कंपनियों को मासिक ट्रेडिंग आंकड़े प्रदान करता है। कंपनियां अपने संचालन को ट्रैक करने के लिए डेटा का उपयोग कर सकती हैं।
  • इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम निवेशकों को एक पारदर्शी और कुशल विनिमय बाजार प्रदान करता है।

NSE मे निवेश केसे करें।

दोस्तों, अब तक हमने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के बारे सभी पॉइंट्स समज लिया हे, अब आपके मन मे यह सवाल होगा की हम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज या शेयर मार्केट मे निवेश केसे करे? शेयर मार्केट मे निवेश करने के लिए आपको एक Demat account और Trading अकाउंट की जरूरत होती है। शेयर मार्केट मे निवेश करने से पहले हमे डिमैट खाता और ट्रैडिंग खाता दोनों को विस्तार से समजना होगा, इस लिए पहले आपको हमारे यह आर्टिकल पढ़ने चाहिए।

यदि आपके पास Demat and Trading account है, तो आप आपने ट्रैडिंग खाते मे log-in करके NSE मे आसानी से निवेश कर सकते। लेकिन यदि आपके पास Demat and trading account नहीं हे, तो आप नीचे दिए गए लिक से Upstox मे फ्री मे Demat and trading account खुलवा सकते है।

  • Upstox में डीमैट और ट्रेडिंग खाता मुफ्त में खोलें:

निष्कर्ष:

दोस्तों, इस लेख के माध्यम से हमने नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) को विस्तार से जाना। जेसे हमने पहले बताया शेयर मार्केट मे निवेश करने से पहले हमे शेयर बाजार से जुड़े सभी विस्तार से समज लेना चाहिये, NSE शेयर मार्केट का अहम हिस्सा है। इस लिए हमे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज को विस्तार से जानना चाहिए। और BSE को भी विस्तार से जान लेना चाहिए, क्योंकी भारत मे दोनों ही स्टॉक एक्सचेंज BSE और NSE लगभग एक ही तरीके से काम करते हैं। दोनों स्टॉक एक्सचेंज ट्रेडिंग के लिए सुरक्षित बाजार हैं।

NSE को ट्रेडिंग के लिए अनुभव की आवश्यकता होती है, क्योंकि यह दिन के व्यापारियों और जोखिम लेने वालों के लिए एक अच्छा बाजार है। तरलता के मामले में NSE बेहतर है जिसका अर्थ है प्रतिभूतियों को नकदी में बदलने में आसानी। दोस्तों, आप Long term लिए BSE या NSE दोनों मे से किसी भी स्टॉक एक्सचेंज मे निवेश कर सकते है, क्यों की आज दोनों ही एक्सचेंज SEBI के तहत कार्य करते है, दोनों ही स्टॉक एक्सचेंज SEBI के सभी नियमों का पालन करते है।

यह Article को पूरा पढ़ने के लिए आपका बहुत धन्यवाद,

आपको हमारा यह आर्टिकल ( नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क्या है? | What is NSE in Hindi? ) केसा लगा Comment करके हमे जरूर बताए। अगर यह आर्टिकल से आपको सही जानकारी मिली हो, तो अपने दोस्तों को भी Share करिए। और ऐसी ही Share Market Daily updates और Share market की basic जानकारी के लिए Social media पर हमे Join करें।

FAQ

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज की शुरुआत केसे हुई?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) की शुरुआत 1992 में भारतीय इक्विटी बाजारों (Equity markets) में पारदर्शिता लाने के लिए की गई थी। दलालों के एक समूह के लिए ट्रेडिंग सदस्यता को प्रतिबंधित करने के बजाय, NSE ने सुनिश्चित किया कि कोई भी योग्य, अनुभवी और न्यूनतम वित्तीय आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए व्यापार करने की अनुमति दी गई थी।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज क्या है?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) इसकी स्थापना 1992 में मुंबई में हुई थी। NSE भारत में एक प्रमुख स्टॉक एक्सचेंज है जो मुंबई में स्थित है। NSE में ट्रेडिंग की शुरुआत 1994 में होलसेल डेट मार्केट और कैश मार्केट सेगमेंट के लॉन्च के साथ हुई थी। यह भारत में पहला अभौतिकीकृत इलेक्ट्रॉनिक एक्सचेंज था। NSE ने पूरी तरह से स्वचालित स्क्रीन-आधारित इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग सिस्टम प्रदान किया। इस प्रणाली के माध्यम से, निवेशक आधुनिक व्यापारिक सुविधाओं का उपयोग करने में सक्षम थे। यह सबसे बड़ा भारतीय वित्तीय बाजार है और ट्रेडिंग वॉल्यूम के हिसाब से चौथा सबसे बड़ा वैश्विक बाजार है। यह देश का सबसे बड़ा निजी वाइड-एरिया नेटवर्क है।

NSE का फुलफोर्म क्या है?

NSE का पूरा नाम नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ़ इंडिया लिमिटेड है।
NSE full form is the National Stock Exchange of India Limited.

NSE में कितनी कंपनी लिस्टेड है?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) में तकरीबन 2000 कंपनी लिस्टेड है?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का अध्यक्ष कौन है?

हाल मे विक्रम लिमये नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (MD & CEO) हैं।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज मे ट्रैडिंग समय क्या है?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) मे आप सुबह 9;15 से दोपहर के 3:30 के बीच इक्विटी  मे ट्रैडिंग कर सकते हे, नीचे दिए गए टाइम टेबल से आप विस्तार से समज पाएंगे। इक्विटी सेगमेंट पर ट्रेडिंग सप्ताह के सभी दिनों में होती है (शनिवार और रविवार को छोड़कर और एक्सचेंज द्वारा अग्रिम रूप से घोषित छुट्टियों को छोड़कर)। इक्विटी सेगमेंट के बाजार समय हैं:

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के क्या उद्देश्य है?

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज प्रमुख उदेश्य भारत मे Trading को बढ़ाना था। Trading के माध्यम से देश में रोजगार के अवसरो को बढाना। क्योकि जितनी तेजी से Companies की Trading मे बढ़ोतरी होगी उतने ही अधिक रोजगार के अवसर भी बढ़ेगे और लोगो के आय के स्त्रोत भी खुलेंगे। दोस्तों, NSE बहुत ही कम समय में अपने उद्देश्यों को प्राप्त करने में सक्षम था। NSE के सभी उद्देश्यो के बारे मे विस्तार से जानने के लिए यह आर्टिकल पूरा पढ़ें।

NSE मे कितने सूचकांक है।

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज-NSE मे तकरीबन 55 सूचकांक (Indices) है, जोकी कई अलग अलग भागों मे बाटे गए है। और इन सभी सूचकांक की सूची नीचे विस्तार से बताई गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.